Ma Laxmi Pujan Vidhi on Diwali

Ma Laxmi  Pujan Vidhi on Diwali

दीपावली पूजा विधि

GURU JI >>>  +91 8059046337

hindi-diwali-card
                              hindi-diwali-card

Diwali Shubh Muhurat 2015 Puja Vidhi Timinig Laxmi Puja

Pradosh Kaal Muhurat
Lakshmi Puja Muhurta = 18:11 to 20:10
Pradosh Kaal = 17:52 to 20:27
Vrishabha Kaal = 18:11 to 20:10
Amavasya Tithi Begins = 21:23 on 10 November 2015
Amavasya Tithi Ends = 23:16 on 11 November 2015

*Note: – 24-hour clock timings
Mahanishita Kaal Muhurat
Lakshmi Puja Muhurta = None
Mahanishita Kaal = 23:53 (11 Nov) to 00:44 (12 Nov)
Simha Kaal = 00:37 to 02:46 (12 Nov)
Amavasya Tithi Begins = 21:23 on 10 November 2015
Amavasya Tithi Ends = 23:16 on 11 November 2015

भक्ति भाव से किसी भी समय की गयी पूजा सदैव अच्छा फल देती है। इसलिए अगर किसी कारण से आप उपरोक्त दिये गये समय पर पूजा नही कर सकते तो जब भी समय मिले पूजा अर्चना अवश्य करें।

Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi & Sanskrit पाशुपतास्त्र मंत्र साधना एवं सिद्धि

शिव का एक भीषण शूलास्त्र जिसे अर्जुन ने तपस्या करके प्राप्त किया था।  महाभारतका युद्ध हुआ, उसमें भगवान्‌ शंकरका दिया हुआ पाशुपतास्त्र अर्जुनके पास था, भगवान्‌ शंकरने कह दिया कि तुम्हें चलाना नहीं पड़ेगा । यह तुम्हारे पास पड़ा-पड़ा विजय कर देगा, चलानेकी जरूरत नहीं, चला दोगे तो संसारमें प्रलय हो जायगा । इसलिये चलाना नहीं ।

इस पाशुपत स्तोत्र का मात्र एक बार जप करने पर ही मनुष्य समस्त विघ्नों का नाश कर सकता है । सौ बार जप करने पर समस्त उत्पातो को नष्ट कर सकता है तथा युद्ध आदि में विजय प्राप्त कर सकता है । इस मंत्र का घी और गुग्गल से हवं करने से मनुष्य असाध्य कार्यो को पूर्ण कर सकता है । इस पाशुपातास्त्र मंत्र के पाठ मात्र से समस्त क्लेशो की शांति हो जाती है ।

यह अत्यन्त प्रभावशाली व शीघ्र फलदायी प्रयोग है। यदि मनुष्य इस स्तोत्र का पाठ गुरू के निर्देशानुसार संपादित करे तो  अवश्य फायदा मिलेगा। शनिदेव शिव भक्त भी हैं और शिव के शिष्य भी हैं। शनि के गुरु शिव होने के कारण इस अमोघ प्रयोग का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यदि किसी साधारण व्यक्ति के भी गुरु की कोई आवभगत करें तो वह कितना प्रसन्न होता है। फिर शनिदेव अपने गुरु की उपासना से क्यों नहीं प्रसन्न होंगे। इस स्तोत्र के पाठ से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और शिव की प्रसन्नता से शनिदेव खुश होकर संबंधित व्यक्ति को अनुकूल फल प्रदान करते हैं। साथ ही एक विशेषता यह भी परिलक्षित होती है कि संबंधित व्यक्ति में ऐसी क्षमता आ जाती है कि वह शनिदेव के द्वारा प्राप्त दण्ड भी बड़ी सरलता से स्वीकार कर लेता है। साथ ही वह अपने जीवन में ऐसा कोई अशुभ कर्म भी नहीं करता जिससे उस पर शनिदेव भविष्य में भी नाराज हों।

यह किसी भी कार्य के लिए अमोघ राम बाण है। अन्य सारी बाधाओं को दूर करने के साथ ही युवक-युवतियों के लिए यह अकाटय प्रयोग माना ही नहीं जाता अपितु इसका अनेक अनुभूत प्रयोग किया जा चुका है। जिस वर या कन्या के विवाह में विलंब होता है, यदि इस पाशुपत-स्तोत्र का प्रयोग करें तो निश्चित रूप से शीघ्र ही उन्हें दाम्पत्य सुख का लाभ मिलता है। केवल इतना ही नहीं, अन्य सांसारिक कष्टों को दूर करने के लिए भी पाठ या जप, हवन, तर्पण, मार्जन आदि करने से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।

GURU JI >>>  +91 8059046337

Vashikaran

http://vashikaran-yantra.com/love-problem/ - For Love Problems Visit This Link